Lyrics
तेरे चरणों में जीवन हमारे। नीलाचल के दाता दीनदयाला, भर दो झोली, हे कृपालु निराला॥ रत्न सिंहासन पर विराजे स्वामी, भक्तों के तुम हो अंतर्यामी। बलभद्र, सुभद्रा संग शोभा प्यारी, दर्शन से मिटती विपदा सारी। जय जगन्नाथ प्रभु, नाथ हमारे, तेरे चरणों में जीवन हमारे। नीलाचल के दाता दीनदयाला, भर दो झोली, हे कृपालु निराला॥ रथ पर बैठ जब निकलो मुरारी, झूम उठे ये दुनिया सारी। गुंडीचा मंदिर में होता बसेरा, तेरे बिना ना कोई है मेरा। शंख चक्र गदा पद्म धारी, महिमा तुम्हारी जग से न्यारी। तुम ही हो जीवन की नैया के खिवैया, पार लगा दो ओ मेरे कन्हैया। जय जगन्नाथ प्रभु, नाथ हमारे, तेरे चरणों में जीवन हमारे। नीलाचल के दाता दीनदयाला, भर दो झोली, हे कृपालु निराला॥ जय जगन्नाथ, जय जय जगन्नाथ, चरणों में रख लो, हे दीनानाथ। जय जगन्नाथ, जय जय जगन्नाथ, कृपा बनाए रखना हमेशा मेरे साथ।
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Last Updated
Jul 18, 2026