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Shambhu Paiyan Padu

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Lyrics

एक बिलीपत्रं एक पुष्पम् एक लोटा जल की धार 

दयालु प्रभु रीझ के देत है चंद्र मोली फल चार 


वघंबराम भस्मांबरम् जटाजुट लिबास 

आसन जमा के बैठे है कृपा सिंधु कैलाश 


हर हर शम्भो 


शंभु, पैयाँ पड़ूँ, तोहे बिनती करूँ,कृपा कीजो।

दया करके शिव, दर्शन दीजो॥


भालपे चंद्र चिता-भस्म सोहे,भाविक भक्तों को शिवरूप मोहे।

शंभु, करुणा करो, विषधर कंठ धरो, अमृत दीजो।

दया करके शिव, दर्शन दीजो॥


वेद "नेति-नेति" कहके हारे,"हर हर महादेव" कहके पुकारे।

सारे जग में है तू, मैं भी तेरे में हूँ,शक्ति दीजो।

दया करके शिव, दर्शन दीजो॥


हूं तो एकल पंथी प्रवासी, छता आतम केम उदासी.. 

तारी पूजा करू, मानमा धीर धरु, आशीष दीजो। 

दया करके शिव, दर्शन दीजो॥

ए महादेव दया करी शिव दर्शन आपो  


शंभु शरणे पड़ी मांगु घडी रे घडी कष्ट कापो 

दया करी शिव दर्शन आपो 

ए भोळानाथ दया करी शिव दर्शन आपो 

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Last Updated

Jul 07, 2026