Lyrics
कुछ नहीं ,भाई यहाँ तेरा ,ये जगत, ईक रैन बसेरा रे।
तू राम नाम ,साँचा भजले,ये जीवन, माया का मेला रे।
घुड़ घुड़, सबको खाना, बन गया बंदे ,तेरा गोरख धंधा
कुछ पल ,जोत जगी सांची ,काया को दिया ,जब कंधा।
कुछ नहीं, भाई यहाँ तेरा ,ये जगत, ईक रैन बसेरा रे
तू राम नाम, साँचा भजले,ये जीवन, माया का मेला रे
कुछ नहीं, भाई यहाँ तेरा ,ये जगत, ईक रैन बसेरा रे
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समझ समझ कर, ना समझा, है इस बात का, रोना ।
सात पीढ़ियों का ,लगा जोड़ने,एक दिन सब खोना ।
ख़ुद ही ख़ुद से खुश रहा,भरम में जीता, बनकर अंधा
माया के इस मेले में ,भाई तेरा अंतिम झूला, कंधा ।
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कुछ नहीं, भाई यहाँ तेरा ,ये जगत, ईक रैन बसेरा रे
तू राम नाम, साँचा भजले,ये जीवन, माया का मेला रे
कुछ नहीं, भाई यहाँ तेरा ,ये जगत, ईक रैन बसेरा रे
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करता बखान, बांट खैरात,मूरख कर सीना ,चौड़ा ।
गिरते को ना हाथ बढ़ाया,चाहे हो अपना ही ,साया।
तेरी माया कब होगी किसकी, जान कभी ना, पाया।
रोटी पर भी उसका नाम लिखा , था जिसको, पाना ।
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कुछ नहीं ,भाई यहाँ तेरा ,ये जगत, ईक रैन बसेरा रे
तू राम नाम ,साँचा भजले,ये जीवन ,माया का मेला रे
कुछ नहीं, भाई यहाँ तेरा ,ये जगत, ईक रैन बसेरा रे
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हँसता होगा राम देखकर मेरा , अहंकारी के, करमा l
ना काया तेरी, ना माया तेरी, सब माया की है, माया ।
जिस गागर को, लगा है भरने, वो पहले से फूटी ।
करले बंदे मन निर्मल , राम नाम की , पीले तू बूटी ।
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कुछ नहीं ,भाई यहाँ तेरा ,ये जगत, ईक रैन बसेरा रे
तू राम नाम साँचा भजले,ये जीवन ,माया का मेला रे
कुछ नहीं, भाई यहाँ तेरा ,ये जगत, ईक रैन बसेरा रे
घुड़ घुड़, सबको खाना, बन गया बंदे ,तेरा गोरख धंधा
कुछ पल
,जोत जगी सांची ,काया को दिया ,जब कंधा।
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Last Updated
Jun 24, 2026