Lyrics
हां... आ... आ...
ओ... ओ...
हम्म...
Verse 1
तू फिर से मिला है मुझे,
जैसे कोई दुआ मिल गई,
सूनी पड़ी इन राहों को,
फिर जीने की वजह मिल गई।
जो टूट गए थे ख़्वाब कभी,
फिर आँखों में सजने लगे,
तेरे आने की आहट से,
मौसम भी बदलने लगे।
मैं भी तो तेरी राहों में,
बरसों से ठहरी हुई थी,
दिल की अधूरी बातों को,
खामोशी में कहती रही थी।
तू पास जो मेरे आया है,
सब दर्द कहीं खोने लगे,
इन सूखी हुई शाखों पर,
फिर फूल नए होने लगे।
Pre-Chorus
मैं था बिखरा हुआ सा कहीं,
मैं भी अधूरी सी थी यहीं,
Both:
अब जो मिले हैं हम,
लगता है मिल गई ज़िंदगी।
तू जहाँ ले चले,
मैं वहाँ चलूँ,
तेरी हँसी में ही,
अपनी खुशी चुनूँ।
तू जहाँ ले चले,
मैं वहाँ रहूँ,
तेरे संग हर जनम,
अपना सफ़र लिखूँ।
तेरी आँखों में जो सुकूँ है,
कहीं और वो मिलता नहीं,
तेरे बिना इस दिल को,
कोई भी अपना लगता नहीं।
तेरी बातों की बारिश में,
मन मेरा भीग जाता है,
तेरा नाम लबों पे आए,
दिल चुपके मुस्काता है।
हाथ तेरा जो हाथ में हो,
फिर क्या डर इन राहों का।
साथ तेरा जो साथ रहे,
फिर क्या ग़म फ़ासलों का।
तू मिले तो लगे,
रब मिला है हमें,
तेरे संग ही अब,
घर मिला है हमें।
तू जहाँ ले चले,
मैं वहाँ चलूँ,
तेरी साँसों में ही,
अपना जहाँ बुनूँ।
तू जहाँ ले चले,
मैं वहाँ रहूँ,
तेरे संग हर पल,
अपनी दास्ताँ लिखूँ।
ओ... ओ...
तू जहाँ...
हम्म...
तेरे संग चलेँ...
ओ... ओ...
हमसफ़र...
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Last Updated
Jun 24, 2026