Home / Chalo Macchinder Gorakh Aaya
single

Chalo Macchinder Gorakh Aaya

0 Views
0
Verified Lyrics

Lyrics

अलख निरंजन! आदेश! आदेश!


[Verse 1]

अलख निरंजन, आदेश आदेश,

काटे संकट, मिटाए क्लेश।

धुनी सुलगती, डमरू बाजे,

शिव का गूँजे दिव्य संदेश।


[Chorus]

गर्भगिरि तेरी तरफ़ नाथ चले,

चलो मच्छिन्दर, गोरख आया!

चौरासी सिद्धों की जय-जयकार,

चलो मच्छिन्दर, गोरख आया!


[Verse 2 ]

आदिनाथ कैलाश से बोले, जागो जोगी खोलो द्वारे,

मच्छिन्द्र गुरु आगे-आगे, गोरख नाथ चले हुंकारे।

भस्म रमी है अंग-अंग में, शिव की ज्योति कण-कण में,

गूँजे जहाँ गुरु का आदेश, काल भी काँपे उस क्षण में।


गर्भगिरि तेरी तरफ़ नाथ चले,

चलो मच्छिन्दर, गोरख आया!

चौरासी सिद्धों की जय-जयकार,

चलो मच्छिन्दर, गोरख आया!


[Verse 3 ]

ॐ नमो आदेश पुकारे, कट जाएँ माया के जाले,

बड़े बाबा की कृपा बरसे, भाग्य के बंद कपाट उघाड़े।

शब्द सांचा, पिंड कंचा, मिट जाएँ जन्मों के क्लेश,

नाथ शरण जो आकर बैठा, पा ले वो शिव का पावन देश।


गर्भगिरि तेरी तरफ़ नाथ चले,

चलो मच्छिन्दर, गोरख आया!

चौरासी सिद्धों की जय-जयकार,

चलो मच्छिन्दर, गोरख आया!


अलख निरंजन, आदेश आदेश,

काटे संकट, मिटाए क्लेश।

डमरू गरजे, नभ हुंकारे, जय गोरख, जय आदिनाथ,

रक्षक बनकर सदा चलेंगे, सिर पर रखकर अपना हाथ।


अलख निरंजन! आदेश आदेश!

अलख निरंजन! आदेश आदेश!

Fast Facts

Total Views

0

Last Updated

Jul 07, 2026